विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026: बाल श्रम मुक्त महाराष्ट्र बनाने का संकल्प, जानें कानून और शिकायत प्रक्रिया


 विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026: बाल श्रम मुक्त महाराष्ट्र बनाने का संकल्प

गोंदिया, 11 जून 2026: हर वर्ष 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour) के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य बाल श्रम जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करना और बच्चों को उनके अधिकारों, शिक्षा तथा सुरक्षित बचपन का अवसर प्रदान करना है। महाराष्ट्र शासन ने 'बाल श्रम मुक्त महाराष्ट्र' बनाने का संकल्प लिया है और इसी दिशा में विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाया जाता है कि बच्चों का शोषण रोकना और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 2016 के प्रमुख प्रावधान

बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) संशोधित अधिनियम-2016 के तहत निम्नलिखित प्रावधान लागू हैं:

14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी व्यवसाय या प्रक्रिया में काम पर रखना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक व्यवसायों और प्रक्रियाओं में काम पर रखना दंडनीय अपराध है।

कानून का उल्लंघन करने वाले नियोक्ता को 6 महीने से 2 वर्ष तक की जेल या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों सजाएं हो सकती हैं।

अपराध दोहराने पर 1 वर्ष से 3 वर्ष तक की कारावास की सजा का प्रावधान है।

बाल श्रम दिखने पर कहां करें शिकायत?

यदि गोंदिया जिले में कोई बच्चा या किशोर खतरनाक व्यवसायों में कार्य करता हुआ दिखाई देता है अथवा किसी संस्था द्वारा बाल श्रमिकों को रोजगार दिया जाता है, तो इसकी शिकायत निम्न माध्यमों से की जा सकती है:

जिलाधिकारी कार्यालय, गोंदिया

महिला एवं बाल विकास विभाग

जिला परिषद प्राथमिक शिक्षा विभाग

संबंधित पंचायत समिति

स्थानीय पुलिस स्टेशन

सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, गोंदिया

ईमेल: aclgnd@gmail.com

PENCIL Portal के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत

सहायक श्रम आयुक्त, गोंदिया ने नागरिकों से अपील की है कि बाल श्रम की किसी भी घटना की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग को दें ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय भी है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम अपने आसपास बाल श्रम की किसी भी घटना को नजरअंदाज नहीं करेंगे और बच्चों को शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य दिलाने में अपना योगदान देंगे।

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