तमिलनाडु में सियासी ड्रामा: 3 बार राज्यपाल ने लौटाया, आखिर कैसे बनेगी विजय की सरकार?


 तमिलनाडु में सियासी ड्रामा: 3 बार राज्यपाल ने लौटाया, आखिर कैसे बनेगी विजय की सरकार?

तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी TVK लगातार सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है, लेकिन राज्यपाल की सख्ती और सहयोगी दलों की अनिश्चितता के कारण पूरा राज्य सियासी उथल-पुथल का गवाह बन गया है।

सरकार गठन को लेकर कई दिनों से जारी इस ड्रामे में शपथ ग्रहण दो बार टल चुका है और विजय को तीन बार राज्यपाल से लौटना पड़ा। आखिरकार VCK के समर्थन के बाद अब विजय सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ नजर आ रहा है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी, लेकिन बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। इसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाने की कोशिशें शुरू हुईं।राज्यपाल लगातार 118 विधायकों के हस्ताक्षरित समर्थन पत्र की मांग करते रहे। इसी वजह से सरकार गठन की प्रक्रिया बार-बार अटकती रही।

तमिलनाडु राजनीतिक घटनाक्रम: पूरा टाइमलाइन

4 मई 2025

चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने की घोषणा की। कांग्रेस की 8 सीटों के साथ TVK के पास कुल 113 विधायक हुए।

लेकिन राज्यपाल ने साफ कहा कि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों के समर्थन पत्र जरूरी होंगे।

5-6 मई 2025

विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन राज्यपाल अपने रुख पर कायम रहे। 118 विधायकों के हस्ताक्षर की मांग दोहराई गई।

7 मई 2025

विजय ने लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से मुलाकात की। इसी दिन शपथ ग्रहण की तैयारी भी थी, लेकिन समर्थन संख्या पूरी न होने पर शपथ ग्रहण पहली बार टाल दिया गया।

राज्यपाल ने दूसरी बार भी विजय को लौटा दिया।

8 मई 2025 (सुबह)

TVK को सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला। राज्यपाल ने फिर कहा कि अस्थिर सरकार नहीं बननी चाहिए।

8 मई 2025 (शाम)

TVK ने दावा किया कि उसे अतिरिक्त समर्थन मिल गया है।

दावा किया गया समर्थन:

कांग्रेस – 5 विधायक

CPI – 2 विधायक

CPM – 2 विधायक

VCK – 2 विधायक

IUML – 2 विधायक (वादा)

कुल दावा:

121 विधायक

9 मई 2025: दूसरा बड़ा झटका

TVK ने 9 मई को शपथ ग्रहण की नई तारीख घोषित की, लेकिन अचानक VCK और IUML के रुख बदलने से मामला फिर अटक गया।

IUML ने साफ कहा: “हम DMK के साथ हैं, विजय को समर्थन नहीं देंगे।”इसी बीच कांग्रेस विधायकों के बेंगलुरु रवाना होने की खबरों से ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ भी शुरू हो गई।9 मई 2025: बहुमत से सिर्फ 2 कदम दूर विजय ने राज्यपाल को 116 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे।

समर्थन का गणित पार्टी

विधायक TVK 107

कांग्रेस 5

CPI + CPM4

कुल:116 विधायक

यानी बहुमत से अभी भी 2 विधायक कम।तीसरी बार भी लौटाया गया

विजय ने तीसरी बार राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की, लेकिन फिर वही जवाब मिला — “118 विधायकों के हस्ताक्षर चाहिए।”इस तरह तीसरी बार भी सरकार गठन की मंजूरी नहीं मिल सकी।नया विवाद: फर्जी समर्थन पत्र का आरोप

AMMK प्रमुख टीटीटी दिनाकरण ने आरोप लगाया कि TVK ने उनके विधायक कामराज के फर्जी समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया है। इसकी शिकायत राज्यपाल और पुलिस दोनों से की गई।इस आरोप ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया।

आखिरकार खुला रास्ता!दिनभर चले सियासी घटनाक्रम के बाद VCK ने आखिरकार TVK को समर्थन पत्र सौंप दिया। इसके बाद विजय सरकार बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

बहुमत का आंकड़ा - 118

TVK गठबंधन के पास - 120

कमी - 0

शपथ ग्रहण - 2 बार टला

क्या अब बनेगी विजय की सरकार?

अब जबकि TVK के पास बहुमत का आंकड़ा पार करने का दावा है, तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। हालांकि राज्यपाल का अंतिम फैसला और राजनीतिक समीकरण अभी भी बेहद अहम बने हुए हैं।तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और भी बड़े बदलाव ला सकता है।

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