देवरी में आदिवासी अस्मिता जनआक्रोश मोर्चा जोरों-शोरों से संपन्न, हजारों लोगों ने किया सहभाग
देवरी | 9 जून 2026
देवरी में 9 जून को आयोजित आदिवासी अस्मिता जनआक्रोश मोर्चा उत्साह और जनसमर्थन के साथ संपन्न हुआ। भगवान बिरसा मुंडा बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस मोर्चे में देवरी तालुका सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष, युवा, विद्यार्थी, किसान, मजदूर और सामाजिक संगठन शामिल हुए।
सुबह से ही बिरसा शक्ति मैदान, चिचगढ़ रोड देवरी में लोगों का जुटना शुरू हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के साथ हजारों लोगों ने आदिवासी अस्मिता, अधिकार और पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। इसके बाद मोर्चा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर महारानी दुर्गावती चौक पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया।
आदिवासी पहचान और अधिकारों पर बुलंद हुई आवाज
मोर्चे में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष आवश्यक है। सभा में उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया और जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख मांगें
आदिवासियों को "वनवासी" कहे जाने का विरोध।
धार्मिक डिलिस्टिंग प्रक्रिया पर स्थायी रोक।
कोष्टी और माना जातियों को अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल न करने की मांग।
लंबित वन अधिकार दावों का शीघ्र निपटारा।
आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाकर जमीन वापस देने की मांग।
बाघ रिजर्व क्षेत्र से प्रभावित गांवों को राहत देने की मांग।
देवरी खेल परिसर को क्रांतिसूर्य बिरसा मुंडा का नाम देने की मांग।
बिरसा शक्ति मैदान के सामूहिक वन अधिकार दावे को मंजूरी देने की मांग।
ग्राम सभाओं को CFR भूमि हस्तांतरित करने की मांग।
आदिवासी विभागों में आउटसोर्सिंग भर्ती प्रक्रिया रद्द करने की मांग।
शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा मोर्चा
पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजकों ने समाज के सभी वर्गों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस विशाल जनसमूह ने आदिवासी समाज की एकता और जागरूकता का परिचय दिया है। मोर्चे के माध्यम से सरकार तक समाज की भावनाओं और मांगों को मजबूती से पहुंचाने का प्रयास किया गया।

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