राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026: गोंदिया में 0 से 5 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूंद




 राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026: 28 जून को हर बच्चे को पिलाएं पोलियो की ‘दो बूंद’, गोंदिया में व्यापक तैयारी

गोंदिया, 27 जून 2026: राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 28 जून 2026 को जिले भर में विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक 25 जून को जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद अध्यक्ष लायकरामजी भंडारकर ने की, जबकि जिला परिषद उपाध्यक्ष एवं स्वास्थ्य सभापति सुरेशजी हर्षे ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा की।

पोलियो मुक्त भारत को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी

बैठक में अध्यक्ष लायकरामजी भंडारकर ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त देश का दर्जा प्राप्त हो चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। ऐसे में इस बीमारी को दोबारा फैलने से रोकने के लिए प्रत्येक अभिभावक को अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 28 जून को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।

जिले में विशेष बूथ, मोबाइल और ट्रांजिट टीमों की व्यवस्था

उपाध्यक्ष एवं स्वास्थ्य सभापति सुरेशजी हर्षे ने बताया कि जिले के सभी गांवों, टोलों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए व्यापक तैयारी की गई है। इसके तहत:

विशेष पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं।

मोबाइल टीमें घर-घर जाकर बच्चों तक पहुंचेंगी।

ट्रांजिट टीमों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तैनात किया जाएगा।

दूरस्थ एवं अति-दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा स्वयंसेविकाओं तथा सामाजिक संगठनों से अभियान को जन आंदोलन बनाने की अपील की।

अभिभावकों से विशेष अपील

बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे न केवल अपने बच्चों बल्कि अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ तक लेकर जाएं और पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं।

विशेषज्ञों के अनुसार पोलियो से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका समय-समय पर बच्चों को पोलियो की खुराक देना है। इससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहता है और समाज को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।

बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित

बैठक में जिला परिषद सदस्य रचनाताई गहाणे, छायाताई नागपुरे, गीताताई लिल्हारे, वैशालीताई पंधरे, सुधाताई रहांगडाले, प्रवीणजी पटले, डॉ. भूमेश्वर पटले और रूपेशजी कुथे उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंदकुमार वाघमारे, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद चव्हाण, जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी विजय आखाडे, कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. निरंजन अग्रवाल, मिलिंद नंदागवली, प्रशांत खरात तथा जिले के सभी तालुका स्वास्थ्य अधिकारी (THO) बैठक में शामिल हुए।

अभियान का मुख्य उद्देश्य

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि गोंदिया जिले का एक भी बच्चा पोलियो टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए सूक्ष्म नियोजन, बूथ प्रबंधन, मोबाइल टीमों की तैनाती, जनजागरूकता गतिविधियों और दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचने की रणनीति पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 2026 बच्चों के स्वस्थ भविष्य और पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी अभिभावकों से अपील है कि 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की ‘दो बूंद’ अवश्य पिलाएं और इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं।

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