MPSC CBT Exam 2026: सभी प्रारंभिक परीक्षाएं अब कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से होंगी
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज़ और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। आयोग के अध्यक्ष विवेक भिमनवार ने घोषणा की है कि आगामी सभी प्रारंभिक परीक्षाएं अब कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएंगी।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि इस निर्णय से भर्ती प्रक्रिया में होने वाली देरी कम होगी और उम्मीदवारों को समय पर परिणाम एवं नियुक्ति प्रक्रिया का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर आयोग के सचिव महेंद्र हरपाळकर तथा परीक्षा नियंत्रक सरिता बांदेकर-देशमुख भी उपस्थित थीं।
MPSC द्वारा किए गए प्रमुख बदलाव
1. प्रारंभिक परीक्षाएं अब CBT मोड में
आयोग ने सभी आगामी प्रारंभिक परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित करने का निर्णय लिया है। इससे परीक्षा प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनेगी।
2. 21 दिनों में परिणाम घोषित करने का लक्ष्य
MPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम 21 दिनों के भीतर घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हाल ही में आयोजित राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम मात्र 22 दिनों में जारी किया गया था।
3. भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी होगी
आयोग का उद्देश्य जिस वर्ष परीक्षा आयोजित होगी, उसी वर्ष भर्ती प्रक्रिया को भी पूरा करना है। इससे उम्मीदवारों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।
4. चयन प्रक्रिया की नई समय-सीमा
साक्षात्कार वाले पदों के लिए: 9 से 11 महीने
केवल लिखित परीक्षा वाले पदों के लिए: 6 से 7 महीने
5. मुख्य परीक्षा के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं
CBT प्रणाली केवल प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए लागू होगी। राज्य सेवा, ग्रुप 'A', ग्रुप 'B' और ग्रुप 'C' की मुख्य परीक्षाओं के स्वरूप में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
CBT प्रणाली क्यों है खास?
MPSC के अनुसार अब तक लगभग 140 परीक्षाएं CBT प्रणाली के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। यह प्रणाली वैज्ञानिक, सुरक्षित और पारदर्शी मानी जाती है। देशभर में विभिन्न भर्ती संस्थाएं इसी प्रणाली का उपयोग कर रही हैं और न्यायालय द्वारा भी इसे मान्यता प्राप्त है।
उम्मीदवारों को क्या होगा फायदा?
परिणाम जल्दी घोषित होंगे।
भर्ती प्रक्रिया में देरी कम होगी।
परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
त्रुटियों और विवादों की संभावना कम होगी।
समय और संसाधनों की बचत होगी।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग का CBT पद्धति अपनाने का निर्णय लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा उम्मीदवारों को समय पर परिणाम और नियुक्ति मिलने की संभावना बढ़ेगी। आने वाले समय में यह बदलाव महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती प्रणाली को और अधिक आधुनिक एवं प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

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