ओडिशा की 5वीं कक्षा की किताब में छपा ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाना, जानें किस फिल्म का है यह मशहूर गीत


 ओडिशा की 5वीं कक्षा की किताब में छपा ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गाना, शिक्षा विभाग की बड़ी चूक ने खड़े किए सवाल

ओडिशा में पाठ्यपुस्तक की बड़ी गलती बनी चर्चा का विषय

ओडिशा में कक्षा 5वीं की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में लोकप्रिय गीत ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ के बोल शामिल होने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की संपादकीय और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह गलती तब उजागर हुई जब नई किताबें स्कूलों तक पहुंच गईं और शिक्षकों तथा अभिभावकों ने पुस्तक की सामग्री पर ध्यान दिया।

सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर एक फिल्मी गीत के बोल स्कूल की पाठ्यपुस्तक तक कैसे पहुंच गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है।

क्या है ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गीत?

‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ मूल रूप से राजस्थान का एक प्रसिद्ध लोकगीत है। बाद में इसे बॉलीवुड फिल्म Hum Dil De Chuke Sanam में शामिल किया गया, जिसके बाद यह पूरे देश में बेहद लोकप्रिय हो गया।

किस फिल्म का है यह गाना?

यह गीत वर्ष 1999 में रिलीज हुई फिल्म Hum Dil De Chuke Sanam का हिस्सा है। फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध निर्देशक Sanjay Leela Bhansali ने किया था। फिल्म में Aishwarya Rai Bachchan, Salman Khan और Ajay Devgn मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।

क्यों हुआ था यह गीत इतना लोकप्रिय?

‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ अपनी लोकधुन, रंग-बिरंगे राजस्थानी अंदाज और आकर्षक नृत्य के कारण दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ था। फिल्म में इस गीत पर Aishwarya Rai Bachchan के नृत्य को आज भी याद किया जाता है। यह गीत उस दौर के सबसे चर्चित बॉलीवुड गीतों में शामिल रहा है।

पाठ्यपुस्तक में गीत कैसे पहुंचा?

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह किसी संपादकीय या प्रिंटिंग प्रक्रिया की गलती हो सकती है। बताया जा रहा है कि किताब की समीक्षा और गुणवत्ता जांच के दौरान यह त्रुटि पकड़ में नहीं आ सकी, जिसके कारण गीत के बोल पुस्तक में प्रकाशित हो गए। हालांकि, शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया 

जैसे ही यह मामला सामने आया, सोशल मीडिया पर लोगों ने हैरानी जताई। कई लोगों ने इसे शिक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही बताया, जबकि कुछ ने इस पर मजाकिया प्रतिक्रियाएं भी दीं। अभिभावकों और शिक्षाविदों का कहना है कि स्कूल की किताबों में प्रकाशित होने वाली सामग्री की कई स्तरों पर जांच होनी चाहिए ताकि ऐसी गलतियां दोबारा न हों।

ओडिशा की कक्षा 5वीं की पाठ्यपुस्तक में ‘निंबूड़ा-निंबूड़ा’ गीत के बोल छपने की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल एक प्रिंटिंग गलती नहीं बल्कि पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा प्रक्रिया की गंभीरता को भी उजागर करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई है।

Post a Comment

0 Comments