🌡️ महाराष्ट्र में बढ़ती गर्मी का खतरा
महाराष्ट्र में इस समय भीषण गर्मी (Heat Wave) का असर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर विदर्भ, मराठवाड़ा और खानदेश के इलाकों में तापमान 45°C के करीब पहुंच रहा है। इस स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
⚠️ मजदूरों के लिए सरकार के 3 बड़े SOP नियम
1. काम के समय में बड़ा बदलाव :- सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि :- सुबह: 6 बजे से 11 बजे तक काम,शाम: 4 बजे से 8 बजे तक काम,❌ दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहरी काम पूरी तरह बंद, इसका मकसद मजदूरों को लू (Heat Stroke) से बचाना है।
2. पानी और छाया की अनिवार्य व्यवस्था :- हर कार्यस्थल पर :- ठंडा पीने का पानी उपलब्ध होना चाहिए - आराम के लिए छायादार जगह (Rest Shed) जरूरी - समय-समय पर ब्रेक देना अनिवार्य - नियम न मानने पर ठेकेदार या कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है।
3. 15 अति-गर्म जिलों के लिए विशेष अलर्ट :- सरकार ने 15 जिलों को हाई-रिस्क जोन घोषित किया है, जिनमें शामिल हैं:विदर्भ के जिले,मराठवाड़ा क्षेत्र ,खानदेश क्षेत्र इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी और निगरानी रखी जाएगी।
🚨 किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा? निर्माण (Construction) मजदूर - खनन (Mining) श्रमिक - खेतों में काम करने वाले किसान - सड़क और बाहर काम करने वाले कर्मचारी
🏥 Heat Wave से बचने के जरूरी उपाय :- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं 💧- सिर पर कपड़ा या टोपी रखें - हल्के और ढीले कपड़े पहनें - धूप में ज्यादा देर तक काम न करें - चक्कर, कमजोरी या उल्टी लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

0 Comments