सरकार दे रही है 50 बकरियां और ₹8.5 लाख तक का अनुदान!
ग्रामीण किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और वन अधिकार धारकों के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना शुरू की है, जिसका नाम है “शेळी-मेंढी पालन उद्योजकता विकास योजना”। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाना और किसानों की आय को मजबूत बनाना है।
📌 योजना में क्या मिलेगा?
इस योजना के तहत लाभार्थियों को :- 🐑 50 बकरियां/भेड़ें - 🐏 5 बकरे/मेंढे - 💰 ₹5.69 लाख से ₹8.53 लाख तक का अनुदान
यह योजना खास तौर पर उन किसानों के लिए है जो पशुपालन के माध्यम से खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
सरकार इस योजना में दो तरह से अनुदान देती है:
✅ सामान्य वर्ग: 50% अनुदान (₹5,69,277 तक) ✅ SC/ST वर्ग: 75% अनुदान (₹8,53,915 तक)
📌 भुगतान प्रक्रिया :- पहली किस्त: शेड निर्माण और उपकरण खरीद के बाद
दूसरी किस्त: पशुओं की खरीद के बाद सीधे बैंक खाते में (DBT)
🎯 योजना का उद्देश्य :- ग्रामीण युवाओं को रोजगार देना,छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाना,पशुपालन को बढ़ावा देना,महिला समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना
📊 योजना की कुल लागत और लाभ
घटक राशि
पशुधन (50+5) - ₹6,75,000
शेड निर्माण - ₹2,00,000
मशीनरी - ₹30,000
सोलर सिस्टम - ₹1,32,000
बीमा (3 साल) - ₹1,01,554
कुल लागत - ₹11,38,554
🛡️ बीमा सुविधा :- 3 साल का बीमा अनिवार्य,पशु की मृत्यु पर बीमा से नया पशु खरीदा जा सकता है,बीमा लाभार्थी और अधिकारी के संयुक्त नाम पर होगा
📋 पात्रता (Eligibility)
1.कम से कम 1 एकड़ जमीन या 5 साल की लीज
2.वन अधिकार धारकों के लिए जमीन की शर्त नहीं
3.पशुपालन का प्रशिक्षण या 2 साल का अनुभव
📑 जरूरी दस्तावेज :- 7/12 उतारा या लीज एग्रीमेंट - प्रशिक्षण प्रमाण पत्र - बैंक खाता विवरण - आधार कार्ड - SHG/UDID प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
📝 आवेदन प्रक्रिया :- जिला या तालुका पशुपालन कार्यालय में आवेदन करें - दस्तावेजों की जांच होगी - प्राथमिकता के आधार पर चयन - 1 महीने में शेड और पशु खरीद पूरी करें - रिपोर्ट जमा करने के बाद सब्सिडी खाते में आएगी

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